किसी भी काम को करने के लिए दृढ़ इच्छा शक्ति का होना जरुरी है और यह कर दिखाया है राजधानी रायपुर के नवनियुक्त पुलिस एस.पी. दीपांशु काबरा ने. रायपुर नगर जब से छत्तीसगढ़ की राजधानी बना तबसे यहाँ आबादी का यातायात पर भारी दबाव पड़ा तथा भयमुक्त वातावरण बनाने के चक्कर में यह नगर उद्दण्ड एवम अनुशासनहीन नागरिकों का नगर बन कर रह गया है.यातायात के नियमों को तोड़ने में नेता,नागरिक,अधिकारी,छात्र,आदि सब में होड़ मच गई तथा सभी नियमों को तोड़ने में ही अपनी शान समझने लगे,ऐसे में वे नागरिक जो अनुशासित जीवन जीने के आदी हैं उन्हें सर्वाधिक परेशान होना पड़ रहा था. ऐसे समय में दीपांशु काबरा ने सफलता अर्जित की. पूरे शहर में यातायात व्यवस्था चुस्त दुरुस्त नजर आने लगी है पर बड़े व्यावसायिक काम्प्लेक्स तथा बाजार वालों ने पार्किंग स्थलों को घेर रखा है उन्हें खाली कराने की और जरुरत है.
शहर की हर व्यस्ततम सड़कों पर चलना आसान हो गया है. बरसों से स्टेशन रोड,मालवीय रोड गोल बाजार,बंजारी रोड,मौदहापारा,सदर बाजार,रामसागरपारा आदि की यातायात व्यवस्था चरमराई हुई थी,इन मार्गों पर पुलिस की पैनी नजर इन दिनों लगी हुई है जो सुखद लग रही है. सडकों पर लगने वाले बाजारों से सड़कें मुक्त हो रही हैं.
यातायात व्यवस्था को बनाने के लिए पुलिस का अभियान सतत बना हुआ है,इस उपलब्धि के लिए राजधानी के दोनों मंत्रीगण बृजमोहन अग्रवाल एवम राजेश मूणत बधाई के पात्र हैं जिन्होंने बिना किसी राजनितिक हस्तक्षेप के एस.पी.को फ्री हैण्ड दिया.
रेलवे स्टेशन की यातायात व्यवस्था भी सुधरती दिख रही है.यात्रियों के लिए प्री पैड ऑटो बूथ जो मरणासन्न हो गया था अब चुस्त दुरुस्त हो गया है.लाउडस्पीकर द्वारा ऑटो वाहनों को निर्देश से पैदल चलने वालों की मुसीबते ख़त्म हो गई हैं.
कुछ सुधार अभी अपेक्षित हैं जिसमें भीड़ भाड़ वाले क्षेत्रों में सड़क के किनारे शराब दुकानों से ट्रैफिक समस्या गंभीर हो रही है,इसके लिए नगरनिगम,आबकारी विभाग सहित पुलिस प्रशासन को विशेष ध्यान देना चाहिए.जहाँ शराब खरीदने और पीने वालों की भीड़ से छुटपुट वारदातें घटती रहती है.इस प्रकार की गंभीर स्थिति रेलवे स्टेशन के सामने,शास्त्री बाजार,पंडरी मेन रोड,खमतराई,भानपूरी आदि स्थानों पर देखी जा सकती है.
बहरहाल रायपुर को एक कुशल अधिकारी की जरुरत थी जिसकी पूर्ति काबरा कर रहे हैं.पुलिस की मुस्तैदी सतत चलती रहेगी तभी यहाँ की व्यवस्था में सुधार आएगा.पैदल चलने वाले राहत महसूस कर रहे हैं फिर भी उन्हें नियमों से बांधना जरुरी है.वहीँ अवैध वसूली का भय अब नहीं रहा यह एक शुभ संकेत है.
बहुत बढिया अभिव्यक्ति!
जवाब देंहटाएं...प्रभावशाली पोस्ट!!!
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